Apple iPhone
भारत में iPhone खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। Apple ने अपने रिटेल पार्टनर्स को मिलने वाली एक अहम इंसेंटिव सुविधा को वापस लेने का फैसला किया है। इस बदलाव का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो पुराने iPhone मॉडल्स जैसे iPhone 15 और iPhone 16 खरीदने की सोच रहे हैं, क्योंकि अब इनकी कीमत प्रभावी रूप से बढ़ सकती है।
अब तक Apple अपने रिटेलर्स को “डिमांड जनरेशन सपोर्ट” के तहत बैकएंड इंसेंटिव देता था, जिससे दुकानदार ग्राहकों को अतिरिक्त छूट दे पाते थे। इस व्यवस्था के कारण ग्राहकों को बिना MRP बदले कम कीमत पर iPhone मिल जाता था।
लेकिन अब इस सपोर्ट को बंद करने से रिटेलर्स के पास डिस्काउंट देने की गुंजाइश कम हो जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि ग्राहकों को वही फोन खरीदने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बदलाव के बाद iPhone 15 और iPhone 16 जैसे मॉडल्स की प्रभावी कीमत लगभग ₹5,000 तक बढ़ सकती है। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक MRP में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन डिस्काउंट कम होने से अंतिम कीमत बढ़ जाएगी।
यह बदलाव उन ग्राहकों के लिए बड़ा झटका हो सकता है जो नए मॉडल लॉन्च होने के बाद पुराने iPhones के सस्ते होने का इंतजार कर रहे थे।
Apple ने हाल ही में अपने कैशबैक ऑफर्स में भी बड़ी कटौती की थी। पहले जहां ग्राहकों को ₹6,000 तक का फायदा मिल जाता था, अब यह घटकर करीब ₹1,000 रह गया है।
इस फैसले के बाद अब रिटेल इंसेंटिव हटाने से कुल मिलाकर iPhone खरीदना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। वहीं नया iPhone 17 इस बदलाव से प्रभावित नहीं है, जिससे पुराने और नए मॉडल्स के बीच कीमत का अंतर और स्पष्ट हो सकता है।
भारत में पुराने iPhone मॉडल्स की मांग हमेशा मजबूत रही है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि ये फोन प्रीमियम फीचर्स के साथ अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल जाते हैं।
iPhone 15 और iPhone 16 जैसे मॉडल्स उन यूजर्स के बीच काफी लोकप्रिय हैं जो फ्लैगशिप अनुभव चाहते हैं लेकिन बजट सीमित होता है। हालांकि, अब कीमत बढ़ने से यह संतुलन थोड़ा बिगड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद मांग में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी। भारत में अधिकतर लोग स्मार्टफोन EMI पर खरीदते हैं, जिससे एकमुश्त खर्च का दबाव कम हो जाता है।
इसी वजह से कीमत में बढ़ोतरी के बाद भी iPhone की बिक्री पूरी तरह प्रभावित नहीं होगी, खासकर शहरी बाजारों में।
Apple का यह कदम अकेला नहीं है। अन्य बड़ी कंपनियां जैसे Samsung, Oppo, Vivo, Realme, Xiaomi, Motorola और Nothing भी पिछले कुछ महीनों में अपने डिवाइसेज की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।
इसकी मुख्य वजह मेमोरी और स्टोरेज जैसे कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत है, जिससे कंपनियों के प्रोडक्शन खर्च में इजाफा हुआ है।
साल 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार के सामने कई चुनौतियां रहने वाली हैं। ग्लोबल सप्लाई की दिक्कतें, रुपये में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत का असर बाजार पर साफ दिखाई दे सकता है।
International Data Corporation के अनुमान के अनुसार, इस साल स्मार्टफोन शिपमेंट में 12 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि Apple के iPhones की मांग अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है।
Apple के इस नए फैसले से भारत में पुराने iPhones की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा। जहां एक ओर ग्राहक अब कम डिस्काउंट का फायदा उठा पाएंगे, वहीं दूसरी ओर EMI जैसे विकल्प मांग को बनाए रखने में मदद करेंगे। लेकिन जो लोग सस्ते iPhone खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह समय जल्दी फैसला लेने का संकेत हो सकता है।
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